Surya Namaskar Mantra in Hindi & English PDF | सूर्य नमस्कार मंत्र
सूर्य नमस्कार मंत्र: 12 मंत्र, अर्थ, जाप संख्या, ज्योतिषीय महत्व और लाभ
Introduction
सूर्य नमस्कार मंत्र भगवान सूर्य देव के 12 पवित्र नामों पर आधारित मंत्र हैं। सूर्य नमस्कार केवल योग की एक शारीरिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह सूर्य देव के प्रति कृतज्ञता, अनुशासन, ऊर्जा और आत्मबल का अभ्यास भी माना जाता है। जब सूर्य नमस्कार के साथ मंत्रों का उच्चारण किया जाता है, तो यह शरीर, मन और आध्यात्मिक ऊर्जा को एक साथ जोड़ने वाला अभ्यास बन जाता है।
हिंदू धर्म में सूर्य देव को प्रत्यक्ष देवता कहा गया है, क्योंकि उनका प्रकाश हर दिन जीवन, समय, दिशा और ऊर्जा प्रदान करता है। वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रह आत्मा, पिता, आत्मविश्वास, नेतृत्व, राजसत्ता, सरकारी कार्य, प्रतिष्ठा, हृदय, नेत्र, अस्थि बल और जीवन शक्ति का कारक माना जाता है।
कुंडली में मजबूत सूर्य व्यक्ति को आत्मविश्वास, प्रभावशाली व्यक्तित्व, सम्मान, नेतृत्व क्षमता और स्पष्ट निर्णय लेने की शक्ति देता है। वहीं कमजोर या पीड़ित सूर्य होने पर आत्मबल की कमी, आलस्य, पिता से मतभेद, सरकारी कार्यों में बाधा, सम्मान की कमी या जीवन में दिशा की कमी महसूस हो सकती है।
ऐसी स्थिति में सूर्य नमस्कार मंत्र का नियमित अभ्यास शरीर को सक्रिय, मन को शांत और सूर्य ग्रह की ऊर्जा को संतुलित करने वाला शुभ आध्यात्मिक उपाय माना जाता है।
सूर्य नमस्कार मंत्र क्या है?
सूर्य नमस्कार मंत्र 12 छोटे और शक्तिशाली मंत्रों का समूह है, जिनमें सूर्य देव के 12 नामों का स्मरण किया जाता है। ये 12 नाम सूर्य के अलग-अलग गुणों को दर्शाते हैं, जैसे मित्रता, प्रकाश, गति, पोषण, तेज, ऊर्जा, सृजन, ज्ञान और जीवन शक्ति।
इन मंत्रों का प्रयोग सामान्य रूप से सूर्य नमस्कार के 12 चरणों के साथ किया जाता है। हर आसन के साथ एक मंत्र बोला जाता है। इससे सूर्य नमस्कार केवल व्यायाम नहीं रहता, बल्कि मंत्र, प्राण, ध्यान और भक्ति से जुड़ा हुआ पूर्ण अभ्यास बन जाता है।
ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य नमस्कार मंत्र सूर्य ग्रह को मजबूत करने, आत्मविश्वास बढ़ाने, आलस्य दूर करने, शरीर में ऊर्जा बढ़ाने और मन में अनुशासन लाने के लिए उपयोगी माना जाता है।
सूर्य नमस्कार मंत्र का ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष में सूर्य को नवग्रहों का राजा माना गया है। सूर्य व्यक्ति की आत्मा, पहचान, प्रभाव, पिता, प्रशासनिक क्षमता और जीवन की दिशा को दर्शाता है। इसलिए सूर्य से जुड़े मंत्र व्यक्ति को अपने अंदर की शक्ति पहचानने में मदद करते हैं।
सूर्य नमस्कार मंत्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माने जाते हैं जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर हो, सूर्य नीच राशि में हो, सूर्य राहु-केतु या शनि से पीड़ित हो, या जिनके जीवन में आत्मविश्वास, सम्मान, करियर स्थिरता और निर्णय क्षमता से जुड़ी समस्याएं बनी रहती हों।
सूर्योदय के समय सूर्य नमस्कार मंत्र का अभ्यास करने से व्यक्ति में समय पालन, नियमितता, शारीरिक सक्रियता और मानसिक स्पष्टता आती है। यही कारण है कि इसे सूर्य उपासना, योग साधना और ज्योतिषीय उपाय — तीनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
सूर्य नमस्कार मंत्र कब और कैसे करें?
सूर्य नमस्कार मंत्र का सबसे शुभ समय प्रातःकाल सूर्योदय का समय माना जाता है। इस समय वातावरण शांत, मन स्थिर और सूर्य की ऊर्जा कोमल होती है। रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है, इसलिए रविवार को इसका अभ्यास विशेष फलदायी माना जाता है।
सरल विधि
सुबह स्नान या कम से कम हाथ-मुख धोकर स्वच्छ कपड़े पहनें। पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़े हों। यदि संभव हो तो पहले सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें। जल में लाल फूल, अक्षत या रोली डाल सकते हैं।
इसके बाद सूर्य नमस्कार के 12 चरण करें और हर चरण के साथ एक-एक मंत्र बोलें। शुरुआत में 1 चक्र से शुरू करें। धीरे-धीरे 3, 6 या 12 चक्र तक अभ्यास बढ़ा सकते हैं। यदि मंत्र याद न हों, तो पहले केवल “ॐ सूर्याय नमः” का जाप करते हुए सूर्य नमस्कार करें।
12 सूर्य नमस्कार मंत्र, English Lyrics, अर्थ और जाप संख्या
1. ॐ मित्राय नमः
Sanskrit:
ॐ मित्राय नमः॥
English Lyrics:
Om Mitraya Namah.
Hindi Meaning:
इस मंत्र का अर्थ है — सबके मित्र और सबके हितकारी सूर्य देव को प्रणाम। सूर्य सभी जीवों को समान रूप से प्रकाश और ऊर्जा देते हैं। यह मंत्र मन में सद्भाव, प्रेम और सकारात्मक संबंधों की भावना बढ़ाता है।
Chant Count:
सूर्य नमस्कार के पहले चरण में 1 बार। अलग से जाप करना हो तो 11, 21 या 108 बार।
2. ॐ रवये नमः
Sanskrit:
ॐ रवये नमः॥
English Lyrics:
Om Ravaye Namah.
Hindi Meaning:
रवि का अर्थ है चमकने वाले और गति देने वाले सूर्य देव। यह मंत्र जीवन में सक्रियता, गति और उत्साह लाने का प्रतीक है।
Chant Count:
दूसरे चरण में 1 बार। अलग से 11, 21 या 108 बार।
3. ॐ सूर्याय नमः
Sanskrit:
ॐ सूर्याय नमः॥
English Lyrics:
Om Suryaya Namah.
Hindi Meaning:
इस मंत्र का अर्थ है — प्रकाश और जीवन शक्ति के स्रोत भगवान सूर्य को प्रणाम। यह सूर्य देव का सबसे सरल और लोकप्रिय मंत्र है।
Chant Count:
तीसरे चरण में 1 बार। दैनिक जाप के लिए 11, 21 या 108 बार।
4. ॐ भानवे नमः
Sanskrit:
ॐ भानवे नमः॥
English Lyrics:
Om Bhanave Namah.
Hindi Meaning:
भानु का अर्थ है प्रकाश फैलाने वाला। यह मंत्र ज्ञान, स्पष्टता और सकारात्मक सोच का प्रतीक है।
Chant Count:
चौथे चरण में 1 बार। अलग से 11, 21 या 108 बार।
5. ॐ खगाय नमः
Sanskrit:
ॐ खगाय नमः॥
English Lyrics:
Om Khagaya Namah.
Hindi Meaning:
खग का अर्थ है आकाश में गति करने वाला। यह मंत्र सूर्य की निरंतर गति और समय के अनुशासन को दर्शाता है। यह व्यक्ति को नियमितता और कर्मशीलता की प्रेरणा देता है।
Chant Count:
पांचवें चरण में 1 बार। अलग से 11, 21 या 108 बार।
6. ॐ पुष्णे नमः
Sanskrit:
ॐ पुष्णे नमः॥
English Lyrics:
Om Pushne Namah.
Hindi Meaning:
पुष्णे का अर्थ है पोषण करने वाले सूर्य देव। यह मंत्र स्वास्थ्य, शक्ति, विकास और जीवन पोषण से जुड़ा माना जाता है।
Chant Count:
छठे चरण में 1 बार। अलग से 11, 21 या 108 बार।
7. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः
Sanskrit:
ॐ हिरण्यगर्भाय नमः॥
English Lyrics:
Om Hiranyagarbhaya Namah.
Hindi Meaning:
हिरण्यगर्भ का अर्थ है स्वर्णिम गर्भ या सृष्टि का दिव्य स्रोत। यह मंत्र सृजन, चेतना, आध्यात्मिक प्रकाश और नई शुरुआत का प्रतीक है।
Chant Count:
सातवें चरण में 1 बार। अलग से 11, 21 या 108 बार।
8. ॐ मरीचये नमः
Sanskrit:
ॐ मरीचये नमः॥
English Lyrics:
Om Marichaye Namah.
Hindi Meaning:
मरीचि का अर्थ है किरण। यह मंत्र सूर्य की प्रकाश किरणों का स्मरण करता है, जो अंधकार, भ्रम और नकारात्मकता को दूर करती हैं।
Chant Count:
आठवें चरण में 1 बार। अलग से 11, 21 या 108 बार।
9. ॐ आदित्याय नमः
Sanskrit:
ॐ आदित्याय नमः॥
English Lyrics:
Om Adityaya Namah.
Hindi Meaning:
आदित्य सूर्य देव का तेजस्वी और दिव्य नाम है। यह मंत्र शक्ति, संरक्षण, सम्मान और आत्मबल को दर्शाता है।
Chant Count:
नौवें चरण में 1 बार। अलग से 11, 21 या 108 बार।
10. ॐ सवित्रे नमः
Sanskrit:
ॐ सवित्रे नमः॥
English Lyrics:
Om Savitre Namah.
Hindi Meaning:
सविता का अर्थ है प्रेरणा देने वाली सूर्य शक्ति। यह मंत्र कर्म, जागरण, नई ऊर्जा और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
Chant Count:
दसवें चरण में 1 बार। अलग से 11, 21 या 108 बार।
11. ॐ अर्काय नमः
Sanskrit:
ॐ अर्काय नमः॥
English Lyrics:
Om Arkaya Namah.
Hindi Meaning:
अर्क सूर्य का वह स्वरूप है जो रोग, दोष और अंधकार को दूर करने वाला माना जाता है। यह मंत्र आरोग्य और शुद्धता का प्रतीक है।
Chant Count:
ग्यारहवें चरण में 1 बार। अलग से 11, 21 या 108 बार।
12. ॐ भास्कराय नमः
Sanskrit:
ॐ भास्कराय नमः॥
English Lyrics:
Om Bhaskaraya Namah.
Hindi Meaning:
भास्कर का अर्थ है प्रकाश देने वाला। यह मंत्र ज्ञान, तेज, विवेक और जीवन में उजाला लाने वाले सूर्य देव को समर्पित है।
Chant Count:
बारहवें चरण में 1 बार। अलग से 11, 21 या 108 बार।
सूर्य नमस्कार मंत्र की जाप संख्या
यदि आप सूर्य नमस्कार के साथ मंत्र बोल रहे हैं, तो हर आसन के साथ एक मंत्र बोलें। एक पूरा सूर्य नमस्कार चक्र पूरा करने पर 12 मंत्रों का जाप हो जाता है।
शुरुआती साधक 1 से 3 चक्र कर सकते हैं। नियमित साधक 6 या 12 चक्र कर सकते हैं। केवल मंत्र जाप के लिए प्रत्येक मंत्र 11, 21 या 108 बार बोला जा सकता है। विशेष सूर्य साधना या सूर्य ग्रह शांति के लिए जाप संख्या योग्य ज्योतिषी या गुरु के मार्गदर्शन में तय करनी चाहिए।
सूर्य नमस्कार मंत्र के लाभ
सूर्य नमस्कार मंत्र का अभ्यास शरीर, मन और ज्योतिषीय ऊर्जा — तीनों स्तरों पर लाभकारी माना जाता है। शारीरिक रूप से सूर्य नमस्कार शरीर को सक्रिय करता है, लचीलापन बढ़ाता है और दिन की शुरुआत ऊर्जा से करता है। मानसिक रूप से मंत्र जाप मन को शांत, एकाग्र और सकारात्मक बनाता है।
ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य नमस्कार मंत्र सूर्य ग्रह की शुभता को बढ़ाने, आत्मविश्वास मजबूत करने, आलस्य दूर करने, नेतृत्व क्षमता बढ़ाने, पिता या वरिष्ठ लोगों से संबंध सुधारने, सरकारी कार्यों में सहयोग और सामाजिक सम्मान प्राप्त करने में सहायक माने जाते हैं।
सूर्य नमस्कार मंत्र का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह व्यक्ति को नियमितता और अनुशासन सिखाता है। सूर्य हर दिन समय पर उदय होता है, इसलिए सूर्य साधना भी हमें समय, कर्म और आत्मबल का महत्व समझाती है।
यह जानकारी धार्मिक, योगिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। स्वास्थ्य संबंधी समस्या, गर्भावस्था, सर्जरी, हृदय रोग, पीठ दर्द या किसी गंभीर स्थिति में सूर्य नमस्कार करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह लें।
FAQ
1. What are Surya Namaskar Mantras?
Surya Namaskar Mantras are 12 sacred mantras dedicated to the 12 names of Lord Surya. Each mantra is chanted with one step of Surya Namaskar to connect physical movement with solar energy, devotion and breath awareness.
2. Can Surya Namaskar Mantras strengthen the Sun in astrology?
According to Vedic astrology, Surya Namaskar Mantras may help strengthen positive Sun qualities such as confidence, vitality, discipline, leadership and recognition when practiced regularly with devotion and a balanced lifestyle.
3. How many times should I chant Surya Namaskar Mantras?
During Surya Namaskar, each of the 12 mantras is usually chanted once with each step. Beginners may do 1 to 3 rounds, while regular practitioners may do 6 or 12 rounds. For separate mantra chanting, 11, 21 or 108 repetitions can be done.
4. What is the best time to chant Surya Namaskar Mantras?
The best time is early morning during sunrise. This time is considered ideal for Surya worship, yoga practice and mental clarity. Sunday is considered especially auspicious for Surya-related practices.
5. Who should avoid Surya Namaskar practice?
People with serious back pain, heart problems, recent surgery, high-risk pregnancy, severe weakness or medical conditions should avoid or modify Surya Namaskar unless guided by a qualified doctor or yoga expert. Mantra chanting alone can still be done with devotion.
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